नमक-रोटी प्रकरण : अभिभावकों का एलान, मुकदमा वापस लेने के बाद ही बच्चे जाएंगे स्कूल

मीरजापुर, 06 सितम्बर (हि.स.)। बच्चों को नमक-रोटी खिलाने के प्रकरण में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल की गिरफ्तारी और विद्यालय की खामियां उजागर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। असंतोष का आलम यह है कि शिउर गांव के अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल में भेजने से ही इनकार कर दिया। इसकी खबर मिलते ही जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। राजस्व विभाग व एबीएसए सहित 15 सदस्यीय टीम शुक्रवार की सुबह गांव पहुंचकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास कर रही है। 

प्राथमिक विद्यालय शिउर में गुरुवार सुबह 95 बच्चों में सिर्फ एक बच्चा ही पढ़ने आया था। शेष बच्चों के विद्यालय में न आने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चिंता सताने लगी। गुरुवार की दोपहर बीईओ ने शिउर गांव पहुंचकर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की अपील की थी। इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ा। बच्चों के अभिभावकों ने खंड शिक्षाधिकारी को खूब खरी-खोटी सुनाई और चेताया कि जब तक प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल और पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा, तब तक बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे। बीईओ के निराश लौटने पर गुरुवार की शाम एसडीएम चुनार भी शिउर गांव पहुंचे और अभिभावकों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन कोई बात नहीं बनी। 

शुक्रवार की सुबह डैमेज कंट्रोल करने के लिए नायब तहसीलदार नटवर लाल राजस्व टीम के साथ शिउर गांव पहुंच गए। बीईओ प्रदीप सिंह भी अपनी टीम लेकर विद्यालय खुलने से पूर्व ही पहुंच गए। शिउर गांव में दोनों टीमों ने अलग-अलग दिशा में जाकर अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया ताकि बच्चे विद्यालय में पढ़ने आ सके और स्थिति पूर्व की भांति सामान्य हो जाएं परंतु मान-मनौव्वल के बाद भी मात्र 32 बच्चे स्कूल पहुंचाए जा सके। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल और पत्रकार के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग ग्रामीण लगातार कर रहे हैं। अभिभावकों ने स्पष्ट कर दिया है कि मुकदमा वापसी के बाद ही बच्चे स्कूल जाएंगे। इस रार के चलते छात्र शिक्षा से वंचित हैं। शुक्रवार को तमाम प्रयास के बाद 95 पंजीयन में से महज 32 बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए लाया जा सका। इस प्रयास में डीसी निर्माण अजय श्रीवास्तव, डीसी बालिका रमेश राय, लेखपाल विनोद यादव, अरविंद मिश्रा, सुरेश सहित अन्य विभागीय कर्मचारी शामिल रहे। 

एमडीएम में बनी तहरी खाकर टीम ने मिटाई भूख 

नमक-रोटी प्रकरण में दर्ज एफआईआर को लेकर बच्चों और अभिभावकों में असंतोष व्याप्त है। इस रार का खामियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। मान-मनौव्वल में जुटी टीम के लोगों ने शुक्रवार की सुबह साढ़े दस बजे बच्चों के साथ बैठकर एमडीएम में बना तहरी खाया और अपनी भूख मिटाई। इस दौरान वहां मौके पर मौजूद अभिभावकों से कहा गया कि  एमडीएम गुणवत्तायुक्त बनाया जा रहा है। जिसे सभी लोग खा सकते हैं। एमडीएम में अब किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है और न ही किसी भी प्रकार की कोताही बरती जा रही है। 

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