महिला आईएएस अधिकारी के पति को फंसाने वाले सीनियर कमांडेंट साथी समेत गिरफ्तार

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार सीआईएसएफ के एक ऐसे सीनियर कमांडेंट को साथी के साथ गिरफ्तार किया है, जिसने एक महिला आईएएस अधिकारी के पति को फंसाने के लिए उनके कार में चरस रख दी थी।

दरअसल आरोपित कमांडेंट ने राजस्थान कॉडर की इस महिला अधिकारी के साथ ट्रेनिंग की थी तो उनकी अच्छी जान-पहचान थी लेकिन शादी होने के बाद महिला अधिकारी कमांडेंट को इग्नोर करने लगीं थीं। इस बात से नाराज होकर आरोपित ने महिला के पति को फंसाने की योजना बनाई और उनकी कार में चरस रखकर सीआईएसएफ के डीआईजी को अपने ही साथी से फोन करा यह कहा कि एक संदिग्ध कार खड़ी है, जिसमें नशीला पदार्थ रखा हो सकता है।कॉल आते ही कार की तलाशी ली गई तो उसमें से चरस बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने केस दर्जकर जांच आगे बढ़ाई तो इस साजिश का पर्दाफाश हुआ और आरोपित कमांडेंट को साथी समेत दबोच लिया। पुलिस दोनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

गिरफ्तार आरोपितों में सीनियर कमांडेंट रंजन प्रताप सिंह और उनके बचपन के दोस्त नीरज शामिल हैं। इन्हें रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। कमांडेंट ने पूछताछ मे यह खुलासा किया कि राजस्थान के जयपुर में तैनात महिला आईएएस अधिकारी से उनकी अच्छी जान पहचान की थी। वह उन्हें पसंद करते थे और इस रिश्ते को आगे भी रखना चाहते थे लेकिन इस बीच महिला अधिकारी की एक आईटी कंसलटेंट से शादी हो गई।

महिला के पति आईटी मंत्रालय में बतौर कंसलटेंट काम करते हैं। शादी के बाद से ही महिला अधिकारी ने आरोपी कमाडेंट से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। इस बात को लेकर वह परेशान थे और इसका बदला लेना चाहते थे। लिहाजा उन्होंने उनके पति को बदनाम करने की योजना बनाई और इस साजिश में अपने बचपन के दोस्त, पेशे से वकील नीरज को भी शामिल कर लिया। इसके बाद वर्तमान में सीजीओ कॉम्प्लेक्स के इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में तैनात महिला अधिकारी के पति को फंसाने की नीयत से उनकी कार में चरस की 52 पुड़िया रख दी, जिसका वजन करीब 550 ग्राम था।

अपने ही सीनियर को करा दिया फोनपुलिस के मुताबिक कार में चरस की पुड़िया रखने के बाद कमांडेंट ने अपने दोस्त के साथ पास में रेहड़ी लगाने वाले एक शख्स के पास पहुंचे और उसके मोबाइल से अपने दोस्त नीरज से अपने ही वरिष्ठ अधिकारी को फोन करा यह कहा कि एक संदिग्ध कार इलेक्ट्रॉनिक निकेतन में खड़ी है। इसकी जांच की जाए तो इसमें से नशीला पदार्थ बरामद हो सकता है। इसके बाद सीआईएसएफ ने पुलिस को फोन किया और कार की जांच की गई तो उसमें चरस बरामद हुआ। पुलिस ने चरस बरामद होते ही मामला दर्ज कर जांच आरंभ की। कार पर मंत्रालय का स्टीकर लगा था। पुलिस ने कार मालिक से पूछताछ की तो उन्होंने चरस बरामद होने पर अचंभा जताया। इसपर पुलिस को भी शक हुआ और बारीकी से जांच शुरू की गई।

ऐसे हुआ साजिश का पर्दाफाशपुलिस ने उस नंबर की जांच करते हुए रेहड़ी वाले के पास पहुंची तो उसने बताया कि उसके पास दो लोग आए थे और उन्होंने उससे उसका मोबाइल लेकर किसी को फोन किया था। वह उन दोनों व्यक्ति को पहले से नहीं जानता था। पुलिस ने फिर सीसीटीवी फुटेज को खंगाल उस गाड़ी और दोनों शख्स का पता लगाया। पहचान होते ही पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने पहले तो इस बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया लेकिन सख्ती बरती गई तो आखिरकार वह टूट गए और उन्होंने खुद चरस रखने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों गिरफ्तार कर लिया।

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