भारत छोड़ो आंदोलन की 77 वीं वर्षगांठ पर उप्र. में रोपे जायेंगे 22 करोड़ पौधे

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-नौ अगस्त को पौधरोपण महाकुंभ में बनेगा सर्वाधिक पौध वितरण का विश्व रिकार्ड-

लखनऊ, 08 अगस्त (हि.स.)। भारत छोड़ो आंदोलन की 77 वीं वर्षगांठ पर नौ अगस्त को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पौधरोपण महाकुंभ का आयोजन कर रही है। इस अवसर पर 22 करोड़ पौधरोपण अभियान का शुभारंभ होगा। साथ ही मात्र आठ घंटे में एक ही स्थल से सर्वाधिक निःशुल्क पौध वितरण का विश्व रिकार्ड भी बनाया जायेगा।

प्रदेश के वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने गुरुवार को यहां बताया कि पौधरोपण महाकुंभ के अवसर पर सूबे की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल कासगंज जिले में गंगा तट पर स्थित ग्राम चंदनपुर में पौध रोपित करेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ जिले के जैतीखेड़ा गांव में पौध रोपण कर अभियान का श्रीगणेश करेंगे।

वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ही प्रयागराज में गंगा यमुना के संगम के पास परेड ग्राउंड में निःशुल्क पौध वितरित किए जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वहां आठ घंटे में एक ही स्थल से सर्वाधिक निःशुल्क पौध वितरण का विश्व रिकार्ड बनेगा। 

उन्होंने बताया कि अभी तक महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक साथ 30 हजार पौध वितरण का रिकार्ड दर्ज है। उप्र सरकार अपने इस अभियान में महाराष्ट्र सरकार के रिकार्ड को तोड़ना चाहती है। वन मंत्री ने बताया कि योगी सरकार की इस उपलब्धि को गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज कराने की भी कार्यवाही की जा रही है।चौहान ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी बड़े स्तर पर पौधरोपण किया था। उन्होंने बताया कि पौधरोपण अभियान के जिओ टैगिंग के लिए भी बड़े स्तर पर तैयारी है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जितने भी पेड़ लगाये गये थे, उनमें से 95 से 97 प्रतिशत पेड़ जीवित है।  

वन मंत्री ने बताया कि भारत छोड़ो आंदोलन के 77 वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक दिन में 22 करोड़ पौधरोपण करने का जो लक्ष्य रखा है जो संकल्प लिया है उसे हम एक ही दिन में पूरा करेंगे। उन्होंने इस अभियान में भाग लेने के लिए प्रदेश के किसानों और नौजवानों का भी आह्वान किया है।मंत्री ने बताया कि इस अभियान के दौरान महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के हर जनपद में गांधी उपवन बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि अभियान में सागौन, सहजन, आम, महुआ, जामुन, अमरूद समेत सैकड़ों प्रजातियों के पौधे रोपे जायेंगे।

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