शिया मुसलमान योगी के ‘अली और बजरंगबली’ बयान से नाराज़

शिया मुसलमानों की नाराजगी के कारण गृहमंत्री राजनाथ सिंह को चुनाव में उठाना पड़ सकता है नुकसान
नई दिल्ली, (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अली और बजरंगबली के बयान से मुसलमानों के शिया समुदाय में काफी नाराजगी देखी जा रही है। शिया मुसलमानों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ अपनी पार्टी भाजपा को लोकसभा चुनाव में राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए हजरत अली के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि सही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ अपनी चुनावी सभाओं में आजकल यह कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि विपक्षियों के साथ अली हैं तो हमारे साथ बजरंगबली हैं। योगी के इस बयान पर शिया समुदाय में काफी नाराजगी है। शिया समुदाय में हजरत अली का महत्व काफी ऊंचा है। शिया हजरत अली की शान में किसी भी तरह की गुस्ताखी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करते हैं।
शिया समुदाय का मानना है कि योगी आदित्यनाथ लगातार हजरत अली का नाम अपनी सभाओं में लेकर उनका अनादर कर रहे हैं। हजरत अली इस्लाम के चौथे खलीफा के साथ-साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के दामाद और चचेरे भाई भी थे, इसलिए उनका मुस्लिम समुदाय में काफी महत्व है। खासतौर से शिया मुसलमानों में उनका काफी आदर और सम्मान है। इसी कारण देश भर के शिया समुदाय के लोग योगी आदित्यनाथ के द्वारा बार-बार हजरत अली का नाम घसीटे जाने पर नाराजगी का इजहार करते हुए इसकी घोर निंदा भी कर रहे हैं।
आमतौर से यह माना जाता है कि शिया समुदाय का रूझान हमेशा से भाजपा की तरफ रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बड़ी तादाद में शिया समुदाय के लोग रहते हैं। उनके द्वारा हमेशा लखनऊ संसदीय सीट से भाजपा के प्रत्याशी के हक में ही मतदान किया जाता रहा है। शायद इसीलिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई इस संसदीय क्षेत्र से ही चुनाव लड़ते रहे हैं और अब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस क्षेत्र को अपना संसदीय क्षेत्र बना लिया है। वर्तमान लोकसभा चुनाव में भी राजनाथ सिंह यहां से भाजपा के उम्मीदवार हैं लेकिन इस बार उन्हें शिया समुदाय की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।
योगी आदित्यनाथ के बयान से आहत शिया समुदाय के लोग भाजपा का दामन छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। इस बात में बिल्कुल सच्चाई है कि अगर सिया समुदाय ने भाजपा का साथ छोड़ दिया तो यहां से भाजपा उम्मीदवार की जीत नामुमकिन है। योगी के अली और बजरंगबली के बयान के कारण लखनऊ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ना केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को काफी महंगा पड़ सकता है।
दिल्ली शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सैयद अली तकवी ने योगी आदित्यनाथ के बयान पर नाराजगी का इजहार करते हुए कहा है कि देश का सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए इस तरह का बयान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश भर का शिया समुदाय योगी के इस बयान से आहत है। उन्होंने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में शिया समुदाय हजरत अली का मुकाबला बजरंगबली से करने के खिलाफ मतदान करेगा और उसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा।
इस बयान की नेशनल शिवा कान्फ्रेंस के चेयरमैन अब्बास निगार ने भी कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा है कि हजरत अली के नाम का राजनीतिकरण करके योगी आदित्यनाथ शिया समुदाय को रोज आहत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में इसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम शिया समुदाय से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील करते हैं।

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