नवरात्रि की अष्टमी की मची धूम, मंदिरों में भक्तों का लगा तांता

घर-घर कन्याओं को खिलायी गयी खीर पूड़ी
हमीरपुर, (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शनिवार को नवरात्रि पर्व के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने देवी मंदिरों में जाकर मां दुर्गा की पूजा और आराधना की। वहीं घरों में कन्याओं को भोज कराया गया। गौरादेवी मंदिर में सुबह से हवन के साथ अन्य धार्मिक अनुष्ठान किये जा रहे है। यहां सैकड़ों लोगों ने हवन कुंड में आहुतियां डाली। जिले के कस्बे और ग्रामीण इलाकों में भी अष्टमी की धूम मच गयी है। मां भुइयारानी मंदिर में भी शनिवार को पूजा अर्चना के लिये भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।
नवरात्रि पर्व के आठवें दिन मां दुर्गा और मां गौरी की पूजा अर्चना की जाती है। इसलिये सुबह से नगर के प्रमुख देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में महिलाओं की भीड़ उमड़ी है। पतालेश्वर मंदिर के पास ऊंचाई में स्थित मां दुर्गा मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की तांता पूजा आराधना करने के लिये लगा हुआ है। यह मंदिर बहुत पुराना है और मान्यता है कि यहां लोगों के कष्ट दूर होते हैं। इस मंदिर में पान बतासा चढ़ाकर लोग मां दुर्गा को खुश करते है। शीतला माता के मंदिर में महिलाओं ने हलवा पूड़ी चढ़ाकर पूजा अर्चना की और यहीं पर कन्या भोज का आयोजन भी किया गया है। स्थानीय गौरा देवी मंदिर में सुबह से भक्तों की भीड़ पूजा के उमड़ लिये पड़ी। इस मंदिर के प्रांगण में ही हवन कुंड में श्रद्धालु आहुतियां दे रहे है। अभी भी इस मंदिर में पूजा अर्चना का दौर जारी है। राठ क्षेत्र में ऐतिहासिक चौपेश्वर मंदिर, शक्ति मंदिर, मढ़ई माता मंदिर, मां श्यामला देवी मंदिर, दाई माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिर मां के जयकारा से गूंज उठे है। इन मंदिर में बड़ी संख्या महिलाओं और पुरुषों ने माथा टेका और विधि विधान से पूजा अर्चना की। पान बतासा, सुपारी और नारियल चढ़ाकर मां दुर्गा को चढ़ाने का दौर भी जारी है। मौदहा क्षेत्र में भी पांच सौ साल पुराने बड़ी माता के मंदिर में पूजा अर्चना के लिये लोगों का तांता लगा हुआ है। वहीं कुरारा क्षेत्र के झलोखर में स्थित मां भुइया रानी मंदिर में हमीरपुर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आये है। यह स्थान बड़ा ही पवित्र है जहां बीमार लोगों को मंदिर प्रांगण की मिट्टी लगाने से आराम मिलता है। इसीलिये कई जनपदों से लोग इस स्थान पर नवरात्रि पर्व पर पूजा अर्चना करने आते है। अष्टमी की पूजा के साथ घर-घर लोगों ने कन्याओं को भोजन कराया है वहीं महिलाओं ने मंदिरों में दर्शन करने के बाद मंदिर के चबूतरे पर कन्याओं को फल और पैसे बांटे। नगर में स्थापित नवरात्रि के देवी पंडालों में भी मां की आराधना कर श्रद्धालुओं ने हवन किया।
पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि नवरात्रि की अष्टमी के दिन मंदिरों या घरों में मन्नत के अनुसार छोटी-छोटी कन्याओं को खीर पूरी व मिष्ठान खिलाकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिये क्योंकि नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है।

How useful was this News?

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 4

No votes so far! Be the first to rate this news.

As you found this news useful...

Follow us on social media!